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अंडा महंगा क्यों हुआ?


सोशल मीडिया पर एक वीडियो प्रसारित हो रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि सरकार ने अंडे महंगे कर दिए हैं, क्योंकि वह चाहती है कि वेजिटेरियन लोगों की संख्या बढ़े।

लेकिन क्या वास्तव में ऐसा है?
आइए, अंडे की कीमत बढ़ने के मूल कारणों को समझते हैं। इस पूरे लेख में अंडे के महंगे होने के पीछे के घटनाक्रम और संबंधित कारकों का विश्लेषण किया गया है।

सोशल मीडिया पर यह भी दावा किया जा रहा है कि इथेनॉल उत्पादन के कारण अंडे महंगे हुए हैं। हालांकि, मक्के की भूमिका को समझे बिना अंडे की कीमत बढ़ने की पूरी कहानी स्पष्ट नहीं हो सकती।

सरकार ने अंडे महंगे नहीं किए हैं
सरकार ने सीधे तौर पर अंडों की कीमत नहीं बढ़ाई है। अंडे की उत्पादन लागत यानी Cost of Production में वृद्धि हुई है, जिसका प्रभाव बाजार भाव पर पड़ा है।

अंडे के उत्पादन के लिए मुर्गियों को संतुलित और पौष्टिक आहार देना आवश्यक होता है। इस Poultry Feed में मक्का एक महत्वपूर्ण कच्चा माल है और कई Layer Feed Formulations में इसका बड़ा हिस्सा होता है।

इसलिए जब मक्के की कीमत बढ़ती है, तो उसका सीधा प्रभाव Poultry Feed की कीमत और आगे चलकर अंडे की उत्पादन लागत पर पड़ता है।

फिर मक्का महंगा क्यों हुआ?
पिछले कुछ वर्षों में भारत में इथेनॉल उत्पादन को बड़े स्तर पर प्रोत्साहित किया गया है।
प्रारंभिक चरण में इथेनॉल उत्पादन के लिए मुख्य रूप से गन्ना/शुगरकेन और चावल जैसे स्रोतों का उपयोग किया जाता था। लेकिन जैसे-जैसे इथेनॉल उत्पादन का विस्तार हुआ, वैसे-वैसे Feedstock के रूप में मक्के का उपयोग भी बड़े पैमाने पर बढ़ा।

इससे मक्के के लिए एक नई और महत्वपूर्ण मांग उत्पन्न हुई

Poultry + पशु आहार + Starch Industry + Ethanol Industry

पहले उपलब्ध मक्के का एक बड़ा हिस्सा Feed Industry के लिए उपलब्ध रहता था। लेकिन जब Ethanol Industry ने बड़े पैमाने पर मक्के की खरीद शुरू की, तो इसकी मांग पर दबाव बढ़ गया।

जब मांग बढ़ती है और उपलब्धता की तुलना में खरीद अधिक हो जाती है, तो बाजार भाव पर उसका प्रभाव पड़ना स्वाभाविक है।

इसका Poultry Industry पर क्या असर पड़ा?

मक्का Poultry Feed में Energy का प्रमुख स्रोत है।

इसलिए जब मक्के की कीमत बढ़ती है—

मक्का महंगा → Feed Manufacturing Cost बढ़ी → Poultry Feed महंगा → Farmer की Feed Cost बढ़ी → Egg Production Cost बढ़ी → अंडों के बाजार भाव पर बढ़ने का दबाव आया।
हालांकि, यह भी महत्वपूर्ण है कि Poultry Farm में केवल मक्के की कीमत बढ़ने से ही लागत नहीं बढ़ती।

Soybean DOC, DDGS, DORB, MBM, Premix, Oil, Amino Acids, Vitamins-Minerals, दवाइयां, बिजली, मजदूरी, Transport और अन्य Input Costs में होने वाले बदलाव भी कुल उत्पादन लागत को प्रभावित करते हैं।

फिर अंडे महंगे क्यों दिखाई दे रहे हैं?
क्योंकि अंडे के पीछे एक पूरी Production Chain काम करती है।

Raw Material → Feed Mill → Poultry Farm → Layer Bird → Feed Consumption → Egg Production → Collection → Transportation → Market

इस पूरी Chain में सबसे महत्वपूर्ण खर्चों में से एक है Feed Cost।
मुर्गी को अंडा देने के लिए प्रतिदिन Feed की आवश्यकता होती है। Feed की कीमत बढ़ने पर प्रत्येक अंडे की उत्पादन लागत भी बढ़ जाती है।
एक मुर्गी 24 घंटे में लगभग एक अंडा देने के लिए करीब 120 ग्राम Feed खाती है।

यदि Feed की लागत लगभग ₹5 प्रति अंडा मानी जाए, तो इसके अतिरिक्त Manpower, Electricity Bill और अन्य खर्चों को मिलाकर लगभग ₹0.50 से ₹0.75 प्रति अंडा का खर्च जुड़ सकता है।

इस प्रकार उत्पादन लागत लगभग ₹6 प्रति अंडा के आसपास हो सकती है।

इसके बाद
Wholesaler अपना Commission और Transport Cost जोड़ता है।
उसके बाद
Retailer अपना Margin/Commission जोड़ता है।
अंत में—
दुकानदार अपना Margin जोड़ता है।

इन सभी लागतों और मार्जिन के बाद जो कीमत बनती है, वही अंतिम कीमत होती है, जिस पर अंडा उपभोक्ता तक पहुंचता है।
वर्तमान में कई स्थानों पर अंडे की कीमत ₹8 से ₹9 प्रति अंडा के आसपास दिखाई दे रही है।

इसलिए यह समझना आवश्यक है कि—
अंडे की Cost of Production बढ़ी है और उसका प्रभाव बाजार भाव पर पड़ा है।

इथेनॉल का मुद्दा यहां महत्वपूर्ण क्यों है?
भारत में जैसे-जैसे Ethanol Blending का लक्ष्य बढ़ता गया, वैसे-वैसे इथेनॉल उत्पादन के लिए आवश्यक Feedstock की मांग भी बढ़ी।
गन्ने और चावल के साथ-साथ मक्के का उपयोग भी बढ़ा।

इससे मक्के को Feed Industry के अतिरिक्त एक बड़ा Industrial Buyer मिल गया।

हालांकि, इसका यह अर्थ बिल्कुल नहीं है कि केवल इथेनॉल उत्पादन के कारण अंडे महंगे हुए हैं।

अंडे की कीमत पर कई अलग-अलग Factors का प्रभाव पड़ता है

- मक्के की उपलब्धता और कीमत

- Soybean और अन्य Raw Materials के भाव

- Poultry Feed की कीमत

- Birds की Productivity

- Egg Supply

- Demand

- मौसम और Season

- Transportation Cost

- Poultry Production Cost

- स्थानीय बाजार की परिस्थितियां

लेकिन मक्के की बढ़ी हुई Industrial Demand Poultry Industry के लिए एक महत्वपूर्ण Cost Factor अवश्य है।

आम लोगों को इससे क्या समझना चाहिए?

Poultry Farmer को अंडे का भाव केवल बाजार की स्थिति से निर्धारित नहीं होता।

इसके पीछे—
Feed Cost + Production Cost + Supply & Demand
का महत्वपूर्ण संबंध होता है।
जब Feed महंगा हो जाता है, तो Farmer की Production Cost बढ़ जाती है।
यदि लागत बढ़ने के बावजूद Egg Price उसी अनुपात में नहीं बढ़ता, तो Farmer का Margin कम हो जाता है।
इसलिए अंडे के भाव को केवल—
“अंडा महंगा हो गया”
के नजरिए से नहीं देखना चाहिए।
बल्कि यह समझना चाहिए कि—
“अंडा तैयार करने की लागत बढ़ने के कारण उसके बाजार भाव पर बढ़ने का दबाव आया है।”
इसलिए अंडे की कीमत बढ़ने पर केवल ग्राहक को दोष देना या यह कहना कि “सरकार ने अंडे महंगे कर दिए”, सही निष्कर्ष नहीं है।

अंडे के पीछे एक पूरी Production Chain काम करती है और उस Chain में Feed Cost की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

अंडा महंगा होने की पूरी कहानी समझने के लिए केवल अंडे की कीमत नहीं, बल्कि मक्का, Feed Cost, Production Cost और Supply-Demand को भी समझना आवश्यक है।

Lalit Lanjewar – Nagpur
Contact: 9175937925
Strategic Marketing & Planning Head | Assistant General Manager, West India – Easy Feed & Foods & Novegen Layer India | TL | Ex-Manager Noveltech Feeds Pvt Ltd. | Ex-Manager Shree Food & Feed Co. | Journalist / Poultry Farming Expert
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