नई दिल्ली:
जर्मनी की अग्रणी एग्रीबिजनेस कंपनी EW Group ने भारत के पोल्ट्री सेक्टर में अगले तीन वर्षों में ₹200 करोड़ निवेश करने की योजना की घोषणा की है। यह निवेश कंपनी की नई भारतीय सहायक इकाई Lohmann Layers India के माध्यम से किया जाएगा।
कंपनी ने बताया कि उसने अपनी सहायक कंपनी International Layer Distribution (ILD) के जरिये JK Breeders Pvt Ltd का अधिग्रहण किया है। इस सौदे की वित्तीय शर्तों का खुलासा नहीं किया गया है। इसके साथ ही EW Group ने भारत में सीधे परिचालन शुरू कर दिया है।
ILD के एशिया और ऑस्ट्रेलिया क्षेत्र के मैनेजिंग डायरेक्टर Antonio Paraguassu ने बयान में कहा,
“भारत दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण और तेजी से बढ़ते पोल्ट्री बाजारों में से एक है। Lohmann Layers India की स्थापना भारतीय किसानों के प्रति हमारी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाती है।”
Lohmann Layers India के मैनेजिंग डायरेक्टर सुरेंद्र के. जांगिड़ ने कहा कि कंपनी पिछले 15 वर्षों से फ्रेंचाइजी मॉडल के तहत JK Breeders के साथ काम कर रही थी, लेकिन अब सीधे बाजार में उतरेगी। उन्होंने बताया कि अगले तीन वर्षों में ₹200 करोड़ का निवेश किया जाएगा।
जांगिड़ के अनुसार, कंपनी देशभर में डे-ओल्ड चिक्स (एक दिन के चूज़े) के वाणिज्यिक वितरण का प्रबंधन करेगी। इसके तहत 4 लाख लेयर्ड पैरेंट बर्ड्स की ब्रिडिंग क्षमता विकसित की जाएगी, जिससे सालाना करीब 3 करोड़ डे-ओल्ड चिक्स का वितरण संभव होगा। कंपनी विभिन्न राज्यों में आधुनिक हैचरी और इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित करने की भी योजना बना रही है, जिसमें उन्नत ब्रिडिंग तकनीक और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर दिया जाएगा।
फिलहाल Lohmann Layers की भारत में बाजार हिस्सेदारी 6–7 प्रतिशत है, लेकिन कंपनी का लक्ष्य लेयर्ड चूज़ा रिप्लेसमेंट मार्केट में इसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत करना है। भारतीय बाजार में कंपनी की प्रतिस्पर्धा Venky's, Skylark और Hy-Line जैसी बड़ी कंपनियों से है।
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में अंडा और पोल्ट्री उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। संगठित पोल्ट्री फार्मिंग, बेहतर जेनेटिक्स और आधुनिक हैचरी तकनीक से उत्पादन क्षमता बढ़ने की उम्मीद है। EW Group का यह निवेश न केवल किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेगा, बल्कि रोजगार सृजन और पोल्ट्री सेक्टर के आधुनिकीकरण को भी गति देगा।
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