नई दिल्ली।
पोल्ट्री फेडरेशन ऑफ इंडिया (PFI) ने पोल्ट्री किसानों और पूरे पोल्ट्री सेक्टर को प्रभावित करने वाली भ्रामक खबरों को लेकर गंभीर चिंता जताई है। फेडरेशन ने एक मीडिया प्लेटफॉर्म पर हाल ही में प्रकाशित समाचार को तथ्यों से परे और जनता को गुमराह करने वाला बताते हुए तत्काल स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है।
PFI ने कहा कि इस तरह की खबरों से उपभोक्ताओं के बीच गलत धारणाएं पैदा हो रही हैं, जिससे अनावश्यक डर और घबराहट का माहौल बन रहा है। इसका सीधा असर पोल्ट्री किसानों और पूरे उद्योग पर पड़ रहा है। फेडरेशन ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि भारत में पोल्ट्री उत्पादन में किसी भी प्रकार के ग्रोथ प्रमोटर या अवैध रसायनों का उपयोग नहीं किया जाता।
फेडरेशन के अनुसार, पोल्ट्री पक्षियों की वृद्धि और बेहतर प्रदर्शन पूरी तरह से वैज्ञानिक ब्रीडिंग, संतुलित पोषण, कड़ी बायोसिक्योरिटी व्यवस्था, सही टीकाकरण कार्यक्रम, बेहतर फार्म प्रबंधन और नियंत्रित फार्म वातावरण के माध्यम से हासिल किया जाता है। ये सभी प्रक्रियाएं सरकार द्वारा निर्धारित नियमों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य मानकों के अनुरूप हैं।
PFI ने यह भी कहा कि अप्रमाणित या अधूरी जानकारी प्रकाशित करने से न केवल एक सख्ती से नियंत्रित और विज्ञान-आधारित उद्योग की छवि खराब होती है, बल्कि लाखों छोटे और सीमांत पोल्ट्री किसानों, फार्म श्रमिकों और इससे जुड़े सहायक उद्योगों की आजीविका भी खतरे में पड़ जाती है। ऐसी खबरें उपभोक्ताओं के विश्वास को कमजोर करती हैं और पूरी वैल्यू चेन में आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती हैं।
पोल्ट्री फेडरेशन ऑफ इंडिया ने संबंधित मीडिया संस्थान से आग्रह किया है कि—
उद्योग से जुड़े प्रामाणिक संगठनों और तकनीकी विशेषज्ञों से तथ्यों की पुष्टि की जाए।
खाद्य और कृषि से जुड़े मुद्दों को सनसनीखेज तरीके से प्रस्तुत करने से बचा जाए।
भ्रामक जानकारी के आगे प्रसार को रोकने के लिए तुरंत स्पष्टीकरण या सुधार प्रकाशित किया जाए।
फेडरेशन ने यह भी कहा कि जिम्मेदार पत्रकारिता जनता को सही जानकारी देने और किसानों के हितों की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। PFI मीडिया को तथ्यात्मक इनपुट, विशेषज्ञ राय और वैज्ञानिक व्याख्या उपलब्ध कराने के लिए हर समय सहयोग को तैयार है।
अंत में, पोल्ट्री फेडरेशन ऑफ इंडिया ने किसानों, उपभोक्ताओं और पोल्ट्री सेक्टर के व्यापक हित में मीडिया से सहयोग की अपील करते हुए भरोसा जताया कि आवश्यक सुधारात्मक कदम शीघ्र उठाए जाएंगे।

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